रेत माफियाओं का आतंक: पुल तोड़कर नदी में गिरा टिप्पर,
माफियाओं की करतूतों पर फिर उठे सवाल
सुवर्ण भारत : शंकर महाकाली
तालुका में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार, 4 अप्रैल की तड़के करीब 3:30 बजे पळसगांव जाट स्थित बोकळ डोह पुल पर एक बड़ा हादसा हो गया। रेत से भरा टिप्पर क्रमांक MH40 CT 9241 पुल की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के केबिन के परखच्चे उड़ गए और टायर अलग होकर दूर जा गिरे।
इस दुर्घटना में कंडक्टर संदीप गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि चालक फारुख शेख मौके से फरार हो गया। संतापजनक बात यह है कि सिंदेवाही मार्ग पर पुलिस और RTO की मौजूदगी के बावजूद भारी वाहन बेखौफ तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही ऐसे ही एक भारी वाहन की चपेट में आकर पांच साल के मासूम की मौत हो चुकी है, फिर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आम लोगों की जान जोखिम में डालकर रेत माफिया खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं और प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है। केवल रेत ही नहीं, बल्कि गिट्टी, मुरूम और अन्य खनिजों की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर, ट्रक और टिप्पर भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
इस हादसे के बाद एक बार फिर रेत माफियाओं की करतूतों को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। रात के अंधेरे में अवैध खनन, फर्जी परमिट के जरिए परिवहन और स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत के चलते यह कारोबार बेखौफ जारी रहने की चर्चा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सख्त कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अब जनता की मांग है कि प्रशासन तत्काल सख्त कदम उठाकर इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाए और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।







